आप सभी साहित्य प्रेमी बंधुओं का मेरे ब्लॉग Hindi Kavita blog with sawan (sawankigazal.blogspot.com) पर हृदय तल से स्वागत अभिनंदन है जैसा कि मेरा मानना है लेखन एक गहन साधना है आओ आप सभी को मेरी रचनाओं से रूबरू कराता हूँ।
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122 122 122 122 ************************************************** अदब से दिल में उफनता हुआ दरिया सम्भाल रखा है कोई उनसे न कुछ कहदे बखूबी ...
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मानव धर्म 212 212 212 2 मेरा तेरा फकत इक वहम हैं हम ह हमारा ही मानव धरम है जिसने सारे जहाँ को बनाया सब उसी के ही रहमों करम हैं एक ही पेड़ ...
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ग़ज़ल - "तुम्हारी चिट्ठियाँ" वज्न-२१२२ २१२२ २१२२ २१२ क़ाफ़िया- आरी रदीफ़- चिट्ठियाँ दौर- ए- उल्फत में ले जाती हैं तुम्हारी चिट्...

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