Hindi kavita blog with kavi sawan Chauhan karoli
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शनिवार, 30 अक्टूबर 2021
मंगलवार, 19 अक्टूबर 2021
मैया मोरी सांच बता दे
https://sawankigazal.blogspot.com/search/label/Shhyam%20sunder?m=1
बहर - मैं तो तुम संग प्रीत लगाके
मैया मोरी सांच बता दे
मैया मोरी साँच बतादे मैं तने मोल लिया ;
मैं तैने मोल लिया मैं तैने मोल लिया
जब वन गाय चरायबे जावैं;
दाऊ भैया बहोत खिजावैं
कहके परायो मोहे सतावैं
बोले हैं मैं तेरो नाय-2
मैया मोरी साँच…
बाबा गौरे तू भी गौरी;
फिर क्यों सांवरी सूरत मोरी
अब नाय गाय चराऊँ तोरी
या तो देओ बताय-2
मैया मोरी साँच…
सारी ग्वालिन मोह नचावैं;
ना नाचूं तो रोब जमावैं
मो से ही गैया घिरवावैं
कोऊ ना संग में जाय-2
मैया मोरी साँच…
सावन रोय रोय कहें कन्हैया
सुनके बाते हंस रही मैया
गोद उठायो पकड़ के बैंया
छाती से लीनो लगाय-2
मैया मोरी साँच…
मैंया मोरी सांच बताय दे
मैं तने मोल लिया -2
सावन चौहान कारौली -एक नादान कलमकार
भिवाड़ी अलवर राजस्थान
मो.9636931534
शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2021
आ गया लौट मौसम चुनाओं का फिर
212 212 212 212
#चुनावी_मौसम
आ गया लौट मौसम चुनाओं का फिर
आ गया लौट मौसम चुनाओं का फिर
रोशनी घर गरीबों के रुकने लगी
देख कर जात नेता की उल्लू डरे
बेहयाई भी इन आगे झुकने लगी
रात उसने गुजारी है मुफ्लिश के घर
झोपड़ी आज जन्नत सी दिखने लगी
सिर्फ मुद्दा गरीबी है इनके लिए
फिर से रोटी चुनावी है सिकने लगी
एक अरसे से जो हाँसिये पर रहे
उनकी हालत चुनाओं मे बिकने लगी
काम चोरी है इनका ये सब चोर है
सब कमीनों की औकात दिखने लगी
इन रईसों को आदत नहीं धूप की
गौरी चमड़ी तपत से पिघलने लगी
चाल इनकी पुरानी समझते है सब
सोच पब्लिक की शायद बदलने लगी
कौन खोटा, खरा कौन #सावन यहाँ
सारी सच्चाई जनता समझने लगी
ऐसा शोलों से क्या कह गई ये हवा
आग जो बेतहासा भड़कने लगी
गज़लकार - #सावन_चौहान_कारोली
https://sawankigazal.blogspot.com/2019/07/blog-post_7.html?m=1
गुरुवार, 7 अक्टूबर 2021
चौंसठ योगिन गावें गीत
चौंसठ योगिन गावें गीत
बहर - मैया मटकी दिनी फोड़ तेरे या कृष्ण मुरारी ने
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चौंसठ योगिन गावें भेट भवन में भैरू नाचे है
भैरू नाचे है की माँ को शेरू नाचे है
चौंसठ …
जगमग जगमग जोत जलत है बाजे ताल मृदंगा-2
डमरू ले शिव शंकर नाचे जटा ते निकली गंगा
चौंसठ …
मात बिराजत हैं सिंघासन कर सोलह श्रृंगार-2
सभी देव दर्शन को आये महारानी के द्वार
चौंसठ…
माँ के भवन की शोभा न्यारी छाँई ख़ुशी अपार-2
घुटमन खेले है लांगुरिया मैया करे दुलार
चौंसठ…
कोयल मोर पपीहा बोलें बोलें दादुर प्यारो
देख छवी ऐसी मैया की सावन सुध-बुध हारो
चौंसठ योगिन…
भवन में भैरू…
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गीतकार-सावन चौहान कारोली
भिवाड़ी अलवर राजस्थान
मो.9636931534
सबकी फरियाद सुनती है
सबकी फरियाद सुनती है
बहर - सजन रे झूठ मत बोलो
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सबकी फरियाद सुनती है एक अर्जी लगा देखों
संवारे बिगड़ी किसमत को दर पे सर को झुका देखो
सबकी फरियाद…
हिमायती है ये हारों की गरीब और बेसहारों का
दरिद्र और बेचारों की, दरिद्र और बेचारों की
ध्यान दिल से लगा देखों
सबकी फरियाद…
सारी दूनियाँ का ठुकराया हार कर इसके दर आया
इसने सीने से लगाया इसने सीने से लगाया
जो चाहो आजमा देखों
सबकी फरियाद…
ये मैया शेरोंवाली है चमत्कारी निराली है
सभी दुख हरने वाली है सभी दुख हरने वाली है
धाम कारोली आ देखों
सबकी फरियाद…
करुणासिंधु कृपालु है कृपा सावन पे चालू है
बड़ी भारी दयालु है बड़ी भारी दयालु है
ज्योत दिल में जगा देखो
सबकी फरियाद सुनती है…
सँवारे बिगड़ी किसमत…
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गीतकार-सावन चौहान कारौली
मैया पड़ेगा आना
मैया पड़ेगा आना
बहर - चाहूंगा मैं तुझे श्याम सवेरे
नो दिन के नवराते ये तेरे ध्याऊँगा मैं तुझे श्याम सवेरे-2
ओ मैsssया पड़ेsssगा आsssना-2
नो दिन के ये नवराते…
रोते हुँओ को; देती हंशी, दीन दुखी को ; देती ख़ुशी ।।-2
हम पे sss, हमपे भी मैया बरसा दे तेरे प्यार का खज़ाना ,
ओ मैया पड़ेगा …
देख इधर ; भरके नज़र कैसा तेरा दरबार सजा ।।-2
कब सेsss;कबसे निहारे राह तेरी तेरे दर्श का दीवान ,
मैय्या पड़ेगा…
लाल चुनर भी लाया हूँ माँ; हलवे चने का प्रसाद बना।।-2
श्रद्धा sss श्रद्धा सहित अर्पित ये भोग, मैया पड़ेगा खाना,
मैया पड़ेगा…
तेरे सिवा ;कौन मेरा, मैया है तु मैं लाल तेरा ।।-2
सावन रहा कबसे पुकार , मेरी लाज माँ बचाना
मैया पड़ेगा आना...
नो दिन के नवराते तेरे ;ध्याऊँ गा तुझे श्याम सवेरे ओ मैया …
‘सावन चौहान कारोली’-एक नादान गीतकार
भिवाड़ी अलवर राजस्थान
मो.9636931534
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मैया का जगराता है
मैया का जगराता है
बहर - शिव शंकर चले कैलाश
कैसा प्यारा सजा है दरबार मैया का जगराता हैं
पड़े अमृत की पावन फुंवार मैया का जगराता है ।।
कैसा…
मै्या जी के दर्शन को ब्रह्मा जी आये-2
ब्रह्मा जी आये संग में ब्राह्मणी को लाये ।।-2
माँ के बेटों ने किया सत्कार मैया का जगराता है
कैसा प्यार…
मै्या जी के दर्शन को विष्णु जी आये-2
विष्णु जी आये संग में लक्ष्मी जी को लाये ।।-2
माँ के भगतों ने किया सत्कार
मै्या का जगराता हैं
कैसा प्यार…
मै्या जी के दर्शन को शंकर जी आये-2
शंकर जी आये संग में गौरा जी को लाये ।।-2
माँ के सेवक करे हैं सत्कार मै्या का जागरता है
कैसा प्यारा…
दर्शन को आया देखों भगतो का रेला-2
कैसा लगा है माँ के द्वारे पे मेला ।।-2
मै्या रानी लूटा रही प्यार मै्या का जगराता है
कैसा प्यारा…
मै्या जी के सत्संग को आये सवाली-2
मै्या जी की सावन है लीला निराली ।।-2
छाई भगती की अजब बहार मै्या का जगराता हैं
कैसा प्यारा...
पड़े अमृत की…
गीतकार - सावन चौहान कारोली
०७/१०/२०२१
https://draft.blogger.com/blog/post/edit/680363107354287503/8438675995654558890
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122 122 122 122 ************************************************** अदब से दिल में उफनता हुआ दरिया सम्भाल रखा है कोई उनसे न कुछ कहदे बखूबी ...
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मानव धर्म 212 212 212 2 मेरा तेरा फकत इक वहम हैं हम ह हमारा ही मानव धरम है जिसने सारे जहाँ को बनाया सब उसी के ही रहमों करम हैं एक ही पेड़ ...
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ग़ज़ल - "तुम्हारी चिट्ठियाँ" वज्न-२१२२ २१२२ २१२२ २१२ क़ाफ़िया- आरी रदीफ़- चिट्ठियाँ दौर- ए- उल्फत में ले जाती हैं तुम्हारी चिट्...